झारखंड और बिहार क्यों हुए अलग, जानें राज़!

क्या आप जानते हैं कि मशहूर भारतीय हॉकी कप्तान जयपाल सिंह मुंडा जो संविधान सभा के सदस्य, पहले नेता भी थे… यही वह शख्स थे जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता से पहले झारखंड को एक अलग राज्य के रूप में बनाने की मांग की थी। हालांकि इस मांग को साइमन कमीशन ने वर्ष 1929 में खारिज कर दिया था और साथ ही भारत की आजादी के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू जी ने भी इसे खारिज कर दिया था।

90 का दशक था… जब शिबू सोरेन के नेतृत्व में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने झारखंड के लिए जन आंदोलन का आगाज़ किया था, जिसे बाद में भाजपा (BJP) ने छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड के साथ झारखंड के गठन का समर्थन भी किया। राष्ट्रपति के. आर. नारायणन ने वर्ष 2000 में बिहार पुनर्गठन बिल को मंजूरी दी और झारखंड भारत के 28वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।

झारखण्ड में पहला विद्रोह बिट्रिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ

वर्ष 1765 में, झारखण्ड राज्य ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के नियंत्रण में आया था। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा झारखंड क्षेत्र के अधीनता और उपनिवेशीकरण के परिणामस्वरूप स्थानीय लोगों से सहज प्रतिरोध हुआ। वर्ष 1857 के भारतीय विद्रोह से लगभग सौ साल पहले, झारखंड के आदिवासियों ने पहले ही ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ विद्रोहों की शुरुआत कर दी थी।

झारखण्ड और बिहार में क्या है अलग –

देखा जाए तो झारखंड और बिहार दोनों ही हिंदी राज्य हैं। गौरतलब है कि भौगोलिक दृष्टि से निकट और पहले एक राज्य थे, लेकिन हमेशा सांस्कृतिक, राजनीतिक, भौगोलिक और आर्थिक मतभेद हुआ ही करते थे।

बिहार में जहां सभी भाषाएँ भारत-आर्य भाषा समूह से संबंधित हैं तो वहीं, झारखंड में द्रविड़ियाना और प्रागैतिहासिक ऑस्ट्रोलॉइड भाषाएं भी बोली जाती हैं। उदाहरण के लिए कुरुख एक द्रविड़ भाषा है, जहां सांताली भाषा मुंडा में ऑस्ट्रोसिटिक भाषाओं के उप-समूह में आता है।

एक ओर झारखंड में 26% जनजातियां शामिल हैं, जहां बिहार में यह सिर्फ 1% के करीब ही है। झारखंड मुख्य रूप से पठार है और बिहार में गंगा मैदान है।

इतिहास की बात करें तो बिहार में अच्छी तरह से विकसित प्रांत जैसे कि मगध, मिथिला और भोजपुर शामिल हैं वहीं, दूसरी ओर झारखंड जो है वह मगध और कलिंग के बीच विभिन्न जनजातियों क्षेत्र के मातृभूमि थी। झारखंड उद्योग और खान राज्य है और बिहार मुख्य रूप से एक कृषि राज्य है।

चाहे झारखण्ड व बिहार में कितने भी असमानताएं क्यों ना हो लेकिन दोनों राज्य के लोगो में बहुत प्यार है… आखीर हम सब भारतीय है।

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