सपा-बसपा गठबंधन का क्या हो जाएगा The End!

लोकसभा चुनाव 2019 में करारी हार के बाद सपा और बसपा गठबंधन टूटने की कगार में नज़र आ रहा है।

दरअसल, बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने दिल्ली में समीक्षा बैठक की जहां उन्होंने वह बात कह दी सपा-बसपा गठबंधन के लिए ठीक नहीं मानी जा रही है। मायावती ने कहा कि – “गठबंधन होने के बाद जैसे नतीजों की उम्मीद थी वह नहीं मिल पाई हैं।”

यही नहीं, मायावती ने दो टूक कह दिया है कि – “वह अब अकेले दम पर चुनाव लड़ेंगी”। आगे उन्होंने कहा कि आगे की रणनीति पर काम करने से पहले वह गठबंधन की समीक्षा भी करेंगी। गौरतलब है कि मायावती के इस रुख के बाद राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लग गए हैं कि – क्या समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव तक टिक पाएगी या नहीं?

दूसरी ओर, लोकसभा चुनाव से पहले और प्रचार के दौरान सपा-बसपा दोनों ही 50 से अधिक लोकसभा सीटें जीतने का दावा किया था जो एक सपने की तरह टूट सा गया। देखा जाएं तो यह नतीजे पूरी तरह से उलटे ही साबित हुए हैं क्योंकि यह गठबंधन सिर्फ 15 सीटों पर ही सिमट कर रह गया है। हालांकि, जो बसपा 2014 में 0 सीटों पर सिमट गई थी, अब वह दस सीटों तक पहुंच गई है।

सपा-बसपा का गठबंधन कैसे फेल हो गया?

चुनाव से पहले तो यह दावा किया जा रहा था कि सपा-बसपा ने जो जातीय गणित फिट किया है वह भाजपा के लिए काफी हानिकारक साबित होगा, लेकिन चुनाव नतीजों में यह बात साफ हो गई कि बसपा का वोट प्रतिशत जस का तस रहा तो समाजवादी पार्टी का वोट प्रतिशत भी गिर जाएगा। दूसरी ओर नतीजों से यह बात साफ हो गई कि जो जाति गणित का फॉर्मूला लगाया गया है वह बिल्कुल भी फिट नहीं बैठा और भारतीय जनता पार्टी को जातिवादी से अलग हटकर वोट प्राप्त हो गए।

शायद यही कारण है कि बीजेपी अकेले दम पर पूरे यूपी में 50 फीसदी के करीब वोट और 64 सीटों पर जीत दर्ज कर पाई है और वहीं, सपा-बसपा मिलकर 15 सीटें और 40 फीसदी के आसपास वोट शेयर पर ही सिमट कर रह गए।

अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या सपा और बसपा का गठबंधन वर्ष 2022 तक टिक पाएगी भी या नहीं???

Priya

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

माता-पिता को किया बेघर तो जाना पड़ सकता है जेल!

Wed Jun 12 , 2019
शराबबंदी, दहेजबंदी जैसी सामाजिक क्रूरता दूर करने के प्रयास के बाद नीतीश सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है – और यह बड़ा फैसला है कि राज्य में बच्चों के लिए माता-पिता की सेवा करना अनिवार्य होगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हाल ही में हुए बिहार […]

Agenda

November 2020
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30  
RANCHI WEATHER