CM रघुवर दास के 4 साल का लेखा-जोखा… झारखंड के विकास में क्या किया, कितना बाकी?

जमशेदपुर की टाटा स्टील रोलिंग मिल में मजदूर के रूप में अपना सफर शुरू करने वाले झारखण्ड के पहले गैर आदिवासी मुख्यमंत्री हैं रघुवर दास। इन्होंने जमशेदपुर पूर्व सीट से लगातार पांचवी बार जीत हासिल की है। झारखंड विधानसभा की कई कमिटियों के सभापति रह चुके मुख्यमंत्री रघुवर दास विधायी कार्यों के अनुभव के मामले में भी काफी धनी हैं। पार्टी के अंदर उनका मुखर नेता के रूप में छवि बनी हुई है जिस कारण उन्हें काफी पसंद किया जाता है। यही नहीं, झारखंड वैश्य समुदाय में भी रघुवर दास खासे लोकप्रिय हैं।

चलिए बताते हैं मुख्यमंत्री रघुवर दास के 4 साल का लेखा-जोखा

  • झारखंड के हर गांव तक बिजली पहले ही पहुंच चुकी थी और अब रघुवर दास के नेतृत्व में सभी घरों में भी बिजली पहुंचा दी गई है। वहीं, निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए आधारभूत संरचना पर काम जारी है।
  • पहले हर घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य मार्च, 2019 तक का था, जिसे रघुवर दास की सरकार ने तीन माह पहले ही प्राप्त कर लिया है, जो काफी काबिलेतारीफ हैं। बता दें कि जिन दूर-दराज के दस हजार गांवों में बिजली की लाइन नहीं बिछ पायी है उन गांवों को सौर उर्जा के साधनों से जोड़ा गया है।
  • पतरातु पावर प्लांट के पूरे हो जाने से 4000 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा जिससे झारखंड बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएगा। राज्य में उनके 4 वर्ष के शासन में 10 नए ग्रिड सब-स्टेशन का निर्माण हुआ जबकि 60 ग्रिड सब-स्टेशन पर काम चल रहा है, जो 2019 में पूरा हो जाएगा। इसके अलावा राज्य में कृषि और उद्योग के लिए भी अलग से विद्युत फीडर का निर्माण जारी है।
  • चार वर्ष में 8044 गांवों को सतही पेयजल से जोड़ा गया है और राज्य की 32 फीसदी आबादी को पाइप लाइन से पेयजल भी उपलब्ध कराए गए है। दास ने बताया कि राज्यभर में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 329 एंबुलेंस जरूरतमंदों की मदद के लिए 24 घंटे काम कर रही हैं। 108 एंबुलेंस सेवा वेन्टीलेटर, बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम एवं अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस हैं और इन एंबुलेंस के माध्यम से अब तक 1 लाख 25 हजार से ज्यादा मरीजों को त्वरीत इलाज मिल सका है।
  • रघुवर दास के 4 साल में राज्य में पांच मेडिकल कॉलेज तथा देवघर में और रांची में कैंसर अस्पताल के निर्माण की काम शुरु हो चुकी है। राज्य में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़कर 900 हो गई और चार साल में 112 निजी और 15 सरकारी नर्सिंग कॉलेज और ट्रेनिंग सेंटर खुले हैं। राज्य में एक सरकारी और तीन निजी डेंटल कॉलेज भी खुल गए हैं। अब झारखंड में 23 जिला अस्पताल और 26 ब्लड बैंक है।
  • प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान भारत के तहत झारखंड के 57 लाख गरीब परिवारों का पांच लाख रूपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कराया गया है और यह पिछले तीन महीनों में ही 18 हजार से ज्यादा झारखंडवासियों का मुफ्त इलाज हो चुका है। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि झारखंड अब खुले में शौच से मुक्त राज्य है। 2014 में सिर्फ 16.40 प्रतिशत घरों में शौचालय थे जबकि 2018 तक राज्यभर में 40 लाख से भी ज्यादा शौचालय का निर्माण हो चुका है। अब झारखंड के घर-घर में शौचालय मौजूद है।

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